यह सवाल लगभग हर नई मां के मन में आता है। लेकिन सच क्या है और क्या यह डर सही है- गायनेकोलॉजिस्ट की राय जानना जरूरी है। मां बनने के बाद महिलाओं के मन में अपने शरीर को लेकर कई सवाल और डर पैदा होना बिल्कुल स्वाभाविक है। इन्हीं में से एक सबसे आम चिंता यह होती है कि क्या स्तनपान कराने से ब्रेस्ट ढीले या लटकने लगते हैं?
समाज, सोशल मीडिया और आसपास की अधूरी जानकारियां इस डर को और भी बढ़ा देती हैं। कई महिलाएं तो सिर्फ इसी आशंका के चलते ब्रेस्टफीडिंग को लेकर असमंजस में आ जाती हैं। लेकिन क्या यह डर सच में वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है या सिर्फ एक पुराना मिथक है? इस सवाल का जवाब जानना हर नई मां के लिए जरूरी है। इसी विषय पर गायनेकोलॉजिस्ट Dr.
Vaidehi Marathe ने मेडिकल स्टडीज और अनुभव के आधार पर सच्चाई साझा की है जो इस भ्रम को पूरी तरह साफ करती है।उनके अनुसार, 'ब्रेस्ट सैगिंग का सीधा संबंध ब्रेस्टफीडिंग से नहीं, बल्कि प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले हार्मोनल और structural बदलाव से होता है।'प्रेग्नेंसी के दौरान क्यों बदलता है ब्रेस्ट का शेप?गर्भावस्था के समय शरीर में estrogen और progesterone हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसका असर ब्रेस्ट टिश्यू पर पड़ता है।ब्रेस्ट का साइज बढ़ता है।स्किन और लीगमेंट्स (supporting tissues) सट्रेच होते हैं।डिलीवरी के बाद जब दूध बनना कम होता है, तो साइज घट सकता है।इसी स्ट्रेचिंग और सुकड़न की वजह से हल्का सैगिंग दिखाई दे सकता है, ना कि ब्रेस्टफीडिंग की वजह से।