अमेरिका-ईरान युद्ध से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को बड़ा नुकसान हुआ: शहबाजMay 14, 2026 11:19 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध ने पाकिस्तान और पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं के लिए बड़ी चुनौतियाँ खड़ी की हैं। उन्होंने आर्थिक शक्ति बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि संघर्ष का क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ा है। इस्लामाबाद, एजेंसी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्ध ने पाकिस्तान सहित पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने देश को आर्थिक शक्ति बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। संघीय कैबिनेट की बैठक में टीवी पर प्रसारित अपने शुरुआती संबोधन में शहबाज शरीफ ने कहा कि फिलहाल युद्धविराम लागू है, लेकिन संघर्ष का असर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार की आर्थिक टीम ने पिछले दो वर्षों में सामूहिक प्रयास किए हैं। यह एक लंबी और कठिन यात्रा है, लेकिन जो देश चुनौतियों का सामना करते हैं और उन्हें पार करने का संकल्प लेते हैं, वही अंततः सफल होते हैं।
Key Points
अमेरिका-ईरान युद्ध से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को बड़ा नुकसान हुआ: शहबाजMay 14, 2026 11:19 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध ने पाकिस्तान और पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं के लिए बड़ी चुनौतियाँ खड़ी की हैं। उन्होंने आर्थिक शक्ति बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि संघर्ष का क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ा है। इस्लामाबाद, एजेंसी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्ध ने पाकिस्तान सहित पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने देश को आर्थिक शक्ति बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। संघीय कैबिनेट की बैठक में टीवी पर प्रसारित अपने शुरुआती संबोधन में शहबाज शरीफ ने कहा कि फिलहाल युद्धविराम लागू है, लेकिन संघर्ष का असर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार की आर्थिक टीम ने पिछले दो वर्षों में सामूहिक प्रयास किए हैं। यह एक लंबी और कठिन यात्रा है, लेकिन जो देश चुनौतियों का सामना करते हैं और उन्हें पार करने का संकल्प लेते हैं, वही अंततः सफल होते हैं।