यह रà¤؟à¤ھोरà¥چà¤ں VIDEO पहल र स à¤ھर केंदà¥چरà¤؟à¤� � है। Video: पहले रेस्क्यू फिर नवजात को गोद में उठाकर किया दुलार, श्रीलंकाई बोले- थैंक्यू इंडियाDec 03, 2025 03:00 pm ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, कोलंबो इस तस्वीर ने दुनिया भर के लोगों के दिलों को छू लिया। राजधानी कोलंबो के पास बाढ़ प्रभावित इलाके में एनडीआरएफ की एक महिला जवान ने बाढ़ के पानी से घिरे एक नवजात शिशु को अपनी गोद में उठाया। चक्रवात दित्वा की तबाही के बाद श्रीलंका में बाढ़ और भूस्खलन का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। 16 नवंबर से शुरू हुई इस प्राकृतिक आपदा ने अब तक 334 से अधिक लोगों की जान ले ली है, जबकि 370 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। लाखों लोग बेघर हो चुके हैं, बुनियादी ढांचा ध्वस्त हो गया है, और बिजली-पानी जैसी सुविधाएं ठप हैं। लेकिन इसी संकट के बीच भारत के 'ऑपरेशन सागर बंधु' ने न केवल मानवीय सहायता पहुंचाई, बल्कि एक ऐसी तस्वीर पेश की जो साहस, करुणा और पड़ोसी देशों के बीच मजबूत रिश्तों की मिसाल बन गई।एक तस्वीर जो दिल जीत रही हैइन सबके बीच एक तस्वीर ने दुनिया भर के लोगों के दिलों को छू लिया। राजधानी कोलंबो के पास बाढ़ प्रभावित इलाके में एनडीआरएफ की एक महिला जवान ने बाढ़ के पानी से घिरे एक नवजात शिशु को अपनी गोद में उठाया। उसे दुलार दिया और गले से लगा लिया। यह दृश्य न केवल मानवता की मिसाल है, बल्कि संकट के बीच साहस और करुणा का प्रतीक बन गया। अब इसका वीडियो भारत ही नहीं बल्कि श्रीलंका में भी खूब वायरल हो रहा है। लोग भारतीय राहत कर्मियों को सलाम कर रहे हैं।सोशल मीडिया पर भावुक हुए लोगएनडीआरएफ की महिला जवान द्वारा बाढ़ग्रस्त श्रीलंका में नवजात शिशु को गोद में उठाते हुए वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर भावुक तूफान ला दिया है। लाखों यूजर्स ने इसे 'मानवता का प्रतीक' बताते हुए शेयर किया। एक यूजर ने लिखा, एनडीआरएफ के सिपाही ही असली हीरो हैं। श्रीलंकाई यूजर्स ने भारत के प्रति आभार जताते हुए कहा- हमेशा कृतज्ञ रहेंगे। एक यूजर ने लिखा- बाढ़ के बीच यह शिशु की मुस्कान उम्मीद की किरण है।श्रीलंका की मदद को भारत ने झोंकी ताकतबता दें कि भारत ने श्रीलंका के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत एनडीआरएफ की दो टीम भेजी हैं, जिनमें 80 कर्मी और चार कुत्ते शामिल हैं। वहीं भारतीय वायुसेना के सी-17 परिवहन विमान ने एक पैरा फील्ड अस्पताल इकाई को मंगलवार को आगरा से कोलंबो पहुंचाया। इसके अलावा, भारतीय थलसेना ने चक्रवात से प्रभावित श्रीलंका के लिए महत्वपूर्ण राहत पहुंचाने, आवश्यक सेवाओं को बहाल करने और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत एक एकीकृत कार्यबल - आत्मनिर्भर, समग्र एचएडीआर टुकड़ी- तैनात की।इसके अलावा, भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) अभियान जारी रखे। वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हेलीकॉप्टर ने आठ टन से अधिक राहत सामग्री पहुंचाई है और 65 लोगों को बाहर निकाला है, जिनमें विदेशी नागरिक, गंभीर रूप से बीमार मरीज और एक गर्भवती महिला भी शामिल है। अधिकारी ने बताया कि उपकरणों और 73 चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ सी-17 विमान शाम को कोलंबो पहुंच गया।इससे पहले, भारतीय थलसेना ने मंगलवार को कहा कि वह चक्रवात प्रभावित श्रीलंका में महत्वपूर्ण राहत प्रदान करने, आवश्यक सेवाओं को बहाल करने और प्रभावित परिवारों की मदद करने के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत एक एकीकृत कार्यबल- एक पूरी तरह से तैयार और आत्मनिर्भर समग्र एचएडीआर टुकड़ी- तैनात कर रही है।बल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि वह जरूरत के समय में श्रीलंका के साथ ‘‘दृढ़ता से खड़ा है।’’ थलसेना ने कहा, ‘‘पड़ोसी प्रथम की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के तहत भारतीय सेना एक एकीकृत कार्य बल- शत्रुजीत ब्रिगेड की पूरी तरह से तैयार और आत्मनिर्भर समग्र एचएडीआर टुकड़ी- तैनात कर रही है, ताकि चक्रवात ‘दित्वा’ से प्रभावित श्रीलंका को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की जा सके, आवश्यक सेवाओं को बहाल किया जा सके और परिवारों को सहायता दी जा सके।’’
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VIDEO: पहले रेस्क्यू फिर नवजात को गोद में उठाकर किया दुलार, श्रीलंकाई बोले- थैंक्यू इंडियाDec 03, 2025 03:00 pm ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, कोलंबो इस तस्वीर ने दुनिया भर के लोगों के दिलों को छू लिया। राजधानी कोलंबो के पास बाढ़ प्रभावित इलाके में एनडीआरएफ की एक महिला जवान ने बाढ़ के पानी से घिरे एक नवजात शिशु को अपनी गोद में उठाया। चक्रवात दित्वा की तबाही के बाद श्रीलंका में बाढ़ और भूस्खलन का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। 16 नवंबर से शुरू हुई इस प्राकृतिक आपदा ने अब तक 334 से अधिक लोगों की जान ले ली है, जबकि 370 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। लाखों लोग बेघर हो चुके हैं, बुनियादी ढांचा ध्वस्त हो गया है, और बिजली-पानी जैसी सुविधाएं ठप हैं। लेकिन इसी संकट के बीच भारत के 'ऑपरेशन सागर बंधु' ने न केवल मानवीय सहायता पहुंचाई, बल्कि एक ऐसी तस्वीर पेश की जो साहस, करुणा और पड़ोसी देशों के बीच मजबूत रिश्तों की मिसाल बन गई।एक तस्वीर जो दिल जीत रही हैइन सबके बीच एक तस्वीर ने दुनिया भर के लोगों के दिलों को छू लिया। राजधानी कोलंबो के पास बाढ़ प्रभावित इलाके में एनडीआरएफ की एक महिला जवान ने बाढ़ के पानी से घिरे एक नवजात शिशु को अपनी गोद में उठाया। उसे दुलार दिया और गले से लगा लिया। यह दृश्य न केवल मानवता की मिसाल है, बल्कि संकट के बीच साहस और करुणा का प्रतीक बन गया। अब इसका वीडियो भारत ही नहीं बल्कि श्रीलंका में भी खूब वायरल हो रहा है। लोग भारतीय राहत कर्मियों को सलाम कर रहे हैं।सोशल मीडिया पर भावुक हुए लोगएनडीआरएफ की महिला जवान द्वारा बाढ़ग्रस्त श्रीलंका में नवजात शिशु को गोद में उठाते हुए वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर भावुक तूफान ला दिया है। लाखों यूजर्स ने इसे 'मानवता का प्रतीक' बताते हुए शेयर किया। एक यूजर ने लिखा, एनडीआरएफ के सिपाही ही असली हीरो हैं। श्रीलंकाई यूजर्स ने भारत के प्रति आभार जताते हुए कहा- हमेशा कृतज्ञ रहेंगे। एक यूजर ने लिखा- बाढ़ के बीच यह शिशु की मुस्कान उम्मीद की किरण है।श्रीलंका की मदद को भारत ने झोंकी ताकतबता दें कि भारत ने श्रीलंका के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत एनडीआरएफ की दो टीम भेजी हैं, जिनमें 80 कर्मी और चार कुत्ते शामिल हैं। वहीं भारतीय वायुसेना के सी-17 परिवहन विमान ने एक पैरा फील्ड अस्पताल इकाई को मंगलवार को आगरा से कोलंबो पहुंचाया। इसके अलावा, भारतीय थलसेना ने चक्रवात से प्रभावित श्रीलंका के लिए महत्वपूर्ण राहत पहुंचाने, आवश्यक सेवाओं को बहाल करने और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत एक एकीकृत कार्यबल - आत्मनिर्भर, समग्र एचएडीआर टुकड़ी- तैनात की।इसके अलावा, भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) अभियान जारी रखे। वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हेलीकॉप्टर ने आठ टन से अधिक राहत सामग्री पहुंचाई है और 65 लोगों को बाहर निकाला है, जिनमें विदेशी नागरिक, गंभीर रूप से बीमार मरीज और एक गर्भवती महिला भी शामिल है। अधिकारी ने बताया कि उपकरणों और 73 चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ सी-17 विमान शाम को कोलंबो पहुंच गया।इससे पहले, भारतीय थलसेना ने मंगलवार को कहा कि वह चक्रवात प्रभावित श्रीलंका में महत्वपूर्ण राहत प्रदान करने, आवश्यक सेवाओं को बहाल करने और प्रभावित परिवारों की मदद करने के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत एक एकीकृत कार्यबल- एक पूरी तरह से तैयार और आत्मनिर्भर समग्र एचएडीआर टुकड़ी- तैनात कर रही है।बल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि वह जरूरत के समय में श्रीलंका के साथ ‘‘दृढ़ता से खड़ा है।’’ थलसेना ने कहा, ‘‘पड़ोसी प्रथम की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के तहत भारतीय सेना एक एकीकृत कार्य बल- शत्रुजीत ब्रिगेड की पूरी तरह से तैयार और आत्मनिर्भर समग्र एचएडीआर टुकड़ी- तैनात कर रही है, ताकि चक्रवात ‘दित्वा’ से प्रभावित श्रीलंका को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की जा सके, आवश्यक सेवाओं को बहाल किया जा सके और परिवारों को सहायता दी जा सके।’’