मेघालय में मेंढ़कों की दुर्लभ प्रजातियां मिलींMay 16, 2026 11:09 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली मेघालय के जंगलों, गुफाओं और वेटलैंड में वैज्ञानिकों ने पिछले पांच वर्षों में नई मेंढ़क प्रजातियों का पता लगाया है। शोध से पता चलता है कि यहां दुर्लभ प्रजनन व्यवहार और अनोखी आवाजें हैं। हालांकि, यूरिया खाद और कीटनाशकों के कारण मेंढ़कों में विकृतियां बढ़ रही हैं, और खनन तथा शहरीकरण से भी खतरा बढ़ रहा है। शिलॉन्ग, एजेंसी। मेघालय के जंगल, गुफाएं और वेटलैंड में वैज्ञानिकों ने पिछले पांच वर्षों में मेंढ़कों की नई प्रजातियों की खोज की है। शोध में पता चला कि यहां दुर्लभ प्रजनन व्यवहार और अनोखी आवाजों वाले उभयचर पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यूरिया खाद और कीटनाशकों के कारण मेंढ़कों के बच्चों में विकृतियां और विकास संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। तेजी से बढ़ता खनन, शहरीकरण और जंगलों के नुकसान से भी इन जीवों को खतरा है।
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मेघालय में मेंढ़कों की दुर्लभ प्रजातियां मिलींMay 16, 2026 11:09 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली मेघालय के जंगलों, गुफाओं और वेटलैंड में वैज्ञानिकों ने पिछले पांच वर्षों में नई मेंढ़क प्रजातियों का पता लगाया है। शोध से पता चलता है कि यहां दुर्लभ प्रजनन व्यवहार और अनोखी आवाजें हैं। हालांकि, यूरिया खाद और कीटनाशकों के कारण मेंढ़कों में विकृतियां बढ़ रही हैं, और खनन तथा शहरीकरण से भी खतरा बढ़ रहा है। शिलॉन्ग, एजेंसी। मेघालय के जंगल, गुफाएं और वेटलैंड में वैज्ञानिकों ने पिछले पांच वर्षों में मेंढ़कों की नई प्रजातियों की खोज की है। शोध में पता चला कि यहां दुर्लभ प्रजनन व्यवहार और अनोखी आवाजों वाले उभयचर पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यूरिया खाद और कीटनाशकों के कारण मेंढ़कों के बच्चों में विकृतियां और विकास संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। तेजी से बढ़ता खनन, शहरीकरण और जंगलों के नुकसान से भी इन जीवों को खतरा है।