यह रà¤؟à¤ھोरà¥چà¤ں सर फ म ड à¤ھर केंदà¥چरà¤؟à¤� � है। सराफा मंडी में बेचने वालों की बढ़ी संख्या, कैश की किल्लत May 16, 2026 11:00 am ISTPiyush Kumar Srivastava हिन्दुस्तान, प्रयागराज Prayagraj News - प्रयागराज में प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील और आयात शुल्क में वृद्धि के बाद सराफा बाजार का माहौल बदल गया है। लोग पुराने गहने बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। इस कारण सराफा कारोबारियों को कैश की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खरीदारी की जगह लोग नकदी जुटाने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील और आयात शुल्क में वृद्धि के बाद सराफा बाजार का माहौल पूरी तरह बदल गया है। जिस सराफा बाजार में पहले लोग गहनों की खरीदारी के लिए आते थे, वहीं अब अधिकतर लोग अपने घरों के पुराने सोने-चांदी के गहने बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। बाजार में खरीदारों से ज्यादा बेचने वालों की संख्या बढ़ गई है। बिक्री का बढ़ता दबाव सोना बेचकर रुपये लेने वालों की संख्या अचानक बढ़ने से सराफा कारोबारियों के सामने कैश की समस्या खड़ी हो गई है। व्यापारी ग्राहकों को ऑनलाइन भुगतान या चेक देने की बात कह रहे हैं, लेकिन अधिकांश लोग नकद भुगतान पर अड़े हैं। ऐसे में कई दुकानों पर ग्राहकों और कारोबारियों के बीच बहस की स्थिति भी बन रही है। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव सराफा कारोबारियों का कहना है कि आयात शुल्क बढ़ने के बाद सोने के दाम में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इससे निवेश के तौर पर सोना रखने वाले लोग अब मुनाफा देखकर अपने पुराने गहने बेच रहे हैं। दूसरी ओर महंगे दाम के कारण नए गहनों की खरीदारी कमजोर पड़ गई है। राणा ज्वेलर्स के संचालक पंक??
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सराफा मंडी में बेचने वालों की बढ़ी संख्या, कैश की किल्लत May 16, 2026 11:00 am ISTPiyush Kumar Srivastava हिन्दुस्तान, प्रयागराज Prayagraj News - प्रयागराज में प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील और आयात शुल्क में वृद्धि के बाद सराफा बाजार का माहौल बदल गया है। लोग पुराने गहने बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। इस कारण सराफा कारोबारियों को कैश की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खरीदारी की जगह लोग नकदी जुटाने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील और आयात शुल्क में वृद्धि के बाद सराफा बाजार का माहौल पूरी तरह बदल गया है। जिस सराफा बाजार में पहले लोग गहनों की खरीदारी के लिए आते थे, वहीं अब अधिकतर लोग अपने घरों के पुराने सोने-चांदी के गहने बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। बाजार में खरीदारों से ज्यादा बेचने वालों की संख्या बढ़ गई है। बिक्री का बढ़ता दबाव सोना बेचकर रुपये लेने वालों की संख्या अचानक बढ़ने से सराफा कारोबारियों के सामने कैश की समस्या खड़ी हो गई है। व्यापारी ग्राहकों को ऑनलाइन भुगतान या चेक देने की बात कह रहे हैं, लेकिन अधिकांश लोग नकद भुगतान पर अड़े हैं। ऐसे में कई दुकानों पर ग्राहकों और कारोबारियों के बीच बहस की स्थिति भी बन रही है। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव सराफा कारोबारियों का कहना है कि आयात शुल्क बढ़ने के बाद सोने के दाम में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इससे निवेश के तौर पर सोना रखने वाले लोग अब मुनाफा देखकर अपने पुराने गहने बेच रहे हैं। दूसरी ओर महंगे दाम के कारण नए गहनों की खरीदारी कमजोर पड़ गई है। राणा ज्वेलर्स के संचालक पंक??