जानें इसका धार्मिक महत्व और साथ में पढ़ें कि ऐसा करने से किन 2 संकटों से राहत मिलती है?
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दूर होते हैं ये 2 संकटMay 14, 2026 02:01 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान Shani Jayanti 2026 Puja: शनि जयंती के दिन पीपल के पेड़ की कितनी परिक्रमा शुभ मानी जाती है? जानें इसका धार्मिक महत्व और साथ में पढ़ें कि ऐसा करने से किन 2 संकटों से राहत मिलती है?
शनि जयंती 16 मई को है। इस दिन को भगवान शनिदेव की कृपा पाने के लिए बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए उपाय और पूजा से शनिदेव प्रसन्न होकर शुभ भल देते हैं। उन्हें कर्मों और न्याय के देवता के रूप में जाना जाता है। शनि जयंती के दिन शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करने और पीपल के पेड़ की परिक्रमा करने से कई कष्ट दूर हो सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में पीपल के वृक्ष को शनि देव और भगवान विष्णु का प्रिय बताया जाता है। यही वजह है कि शनि जयंती पर पीपल पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। तो आइए जानते हैं कि आखिर शनि जयंती वाले दिन पीपल के पेड़ की कितनी बार परिक्रमा करनी है?कितनी बार करनी चाहिए पीपल के पेड़ की परिक्रमा?मान्यता है कि शनिदेव की पूजा करने के बाद पीपल के पेड़ की 7 बार परिक्रमा करनी चाहिए। कई लोग अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार 11 या 21 परिक्रमा भी करते हैं लेकिन 7 परिक्रमा करना सबसे शुभ माना गया है। शनि जयंती के दिन आप इतनी ही बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय सरसों के तेल का दीपक जलाएं और ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करते रहें। ऐसा करना फलदायी माना जाता है। हिंदू धर्म मान्यता के अनुसार ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और उनके अशुभ प्रभावों से जल्द ही राहत मिल सकती है। साथ ही घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है और कोई बुरी बला हो तो भी टल जाती है।