ryan

ryan (https://hameed.nwar.uk/vb/index.php)
-   كوكو هندية (https://hameed.nwar.uk/vb/forumdisplay.php?f=44)
-   -   उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार: देश में 55% हिस्सेदारी के साथ बदलता (https://hameed.nwar.uk/vb/showthread.php?t=5423278)

ahlam1399 05-16-2026 12:30 PM

उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार: देश में 55% हिस्सेदारी के साथ बदलता
 
https://www.livehindustan.com/lh-img...483caa095e.png

यह रà¤؟à¤ھोरà¥چà¤ں उत तर प रद à¤ھर केंदà¥چरà¤؟à¤� � है। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार: देश में 55% हिस्सेदारी के साथ बदलता प्रदेशMay 16, 2026 11:33 am ISTDakshita Ojha लाइव हिन्दुस्तान देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में 55% हिस्सेदारी के साथ यूपी बना 'एक्सप्रेसवे प्रदेश'; बेहतर कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से खुल रहे निवेश और रोजगार के नए द्वार। उत्तर प्रदेश को अब केवल उसकी बड़ी आबादी या खेती पर आधारित अर्थव्यवस्था के आधार पर नहीं देखा जा रहा है। आज प्रदेश की नई पहचान एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर और तेज क्षेत्रीय कनेक्टिविटी से बन रही है। राज्य सरकार की नौ वर्षों की विकास पुस्तिका में सड़क और एक्सप्रेसवे विस्तार को “विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश” के केंद्र में रखा गया है, जो यह दर्शाता है कि कनेक्टिविटी अब विकास, रोजगार और निवेश की मजबूत नींव बन चुकी है।उत्तर प्रदेश की एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की मुख्य जानकारीउत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यानी UPEIDA/यूपीडा, की स्थापना राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 के अंतर्गत की गई थी। आज यूपीडा के अंतर्गत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं।एक्सप्रेसवेल� �बाईउद्देश्ययमुना एक्सप्रेसवे165.537 किलोमीटरग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ता है और पर्यटन के साथ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देता है।आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे302.222 किलोमीटरलखनऊ को आगरा से जोड़ता है और यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली तक संपर्क मजबूत करता है।पूर्वांचल एक्सप्रेसवे340.824 किलोमीटरलखनऊ को गाजीपुर से जोड़ता है और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को सहयोग देता है।बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे296.070 किलोमीटरबुंदेलखं� � क्षेत्र को आगरा-लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर से जोड़ता है।गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे91.352 किलोमीटरगोरखपुर को आजमगढ़ के निकट पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ता है।गंगा एक्सप्रेसवे593.947 किलोमीटरमेरठ को प्रयागराज से छह लेन वाले नियंत्रित प्रवेश कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ता है।बेहतर सड़क संपर्क से बदल रही अर्थव्यवस्थाइन एक्सप्रेसवे का महत्व केवल तेज यात्रा तक सीमित नहीं है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना के अनुसार यह मार्ग समय और ईंधन बचाने में मदद करता है। इससे प्रदूषण और सड़क हादसों में भी कमी आ सकती है। इसी के साथ यह मार्ग कृषि, व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी नई गति प्रदान कर सकता है।उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य के लिए यह बदलाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। गाजीपुर का व्यापारी, आजमगढ़ का किसान, सुल्तानपुर का छोटा निर्माता या लखनऊ की ओर यात्रा करने वाला विद्यार्थी, सभी कम यात्रा समय और बेहतर बाजार पहुंच से लाभान्वित हो सकते हैं। बेहतर सड़कें दूरी को अवसर में बदल सकती हैं।बुंदेलखंड और पूर्वांचल को मिला बेहतर सड़क संपर्कवर्षों से बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों को बड़े बाजारों से मजबूत कनेक्टिविटी की आवश्यकता थी। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की योजना चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर और जालौन जैसे जनपदों को सहयोग देने तथा इस क्षेत्र को आगरा-लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली से जोड़ने के उद्देश्य से बनाई गई थी।पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे भी इसी प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह प्रदेश की पूर्वी सीमा को राज्य की राजधानी से जोड़ता है और अन्य एक्सप्रेसवे के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी तक संपर्क को मजबूत करता है। इससे विकास का दायरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और लखनऊ जैसे प्रमुख केंद्रों से आगे बढ़कर बुंदेलखंड और पूर्वांचल जैसे क्षेत्रों तक अधिक संतुलित रूप से पहुंचा है।विकास की अगली धुरी के रूप में गंगा एक्सप्रेसवेगंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में सबसे बड़े विस्तारों में से एक है। प्रधानमंत्री द्वारा हरदोई में 29 अप्रैल 2026 को 594 किलोमीटर लंबे नियंत्रित प्रवेश वाले ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया गया। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारिक केंद्रों, मध्य उत्तर प्रदेश के खेती वाले क्षेत्रों और पूर्वी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक जगहों को जोड़ता है।, जिससे 12 जनपदों पर सीधा असर पड़ेगा।यह परियोजना उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ी संभावनाओं के साथ भी जोड़ती है। इस कॉरिडोर के आसपास औद्योगिक अवसर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें दवा उद्योग, टेक्सटाइल, हैंडलूम, और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों के समूह शामिल हैं।औद्योगिक कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स केंद्रएक्सप्रेसव� � अब केवल आवागमन के मार्ग नहीं रहे, बल्कि ??

मà¥پखà¥چय बà¤؟ंदà¥پ
  • उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार: देश में 55% हिस्सेदारी के साथ बदलता प्रदेशMay 16, 2026 11:33 am ISTDakshita Ojha लाइव हिन्दुस्तान देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में 55% हिस्सेदारी के साथ यूपी बना 'एक्सप्रेसवे प्रदेश'; बेहतर कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से खुल रहे निवेश और रोजगार के नए द्वार। उत्तर प्रदेश को अब केवल उसकी बड़ी आबादी या खेती पर आधारित अर्थव्यवस्था के आधार पर नहीं देखा जा रहा है। आज प्रदेश की नई पहचान एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर और तेज क्षेत्रीय कनेक्टिविटी से बन रही है। राज्य सरकार की नौ वर्षों की विकास पुस्तिका में सड़क और एक्सप्रेसवे विस्तार को “विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश” के केंद्र में रखा गया है, जो यह दर्शाता है कि कनेक्टिविटी अब विकास, रोजगार और निवेश की मजबूत नींव बन चुकी है।उत्तर प्रदेश की एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की मुख्य जानकारीउत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यानी UPEIDA/यूपीडा, की स्थापना राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 के अंतर्गत की गई थी। आज यूपीडा के अंतर्गत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं।एक्सप्रेसवेल� �बाईउद्देश्ययमुना एक्सप्रेसवे165.537 किलोमीटरग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ता है और पर्यटन के साथ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देता है।आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे302.222 किलोमीटरलखनऊ को आगरा से जोड़ता है और यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली तक संपर्क मजबूत करता है।पूर्वांचल एक्सप्रेसवे340.824 किलोमीटरलखनऊ को गाजीपुर से जोड़ता है और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को सहयोग देता है।बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे296.070 किलोमीटरबुंदेलखं� � क्षेत्र को आगरा-लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर से जोड़ता है।गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे91.352 किलोमीटरगोरखपुर को आजमगढ़ के निकट पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ता है।गंगा एक्सप्रेसवे593.947 किलोमीटरमेरठ को प्रयागराज से छह लेन वाले नियंत्रित प्रवेश कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ता है।बेहतर सड़क संपर्क से बदल रही अर्थव्यवस्थाइन एक्सप्रेसवे का महत्व केवल तेज यात्रा तक सीमित नहीं है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना के अनुसार यह मार्ग समय और ईंधन बचाने में मदद करता है। इससे प्रदूषण और सड़क हादसों में भी कमी आ सकती है। इसी के साथ यह मार्ग कृषि, व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी नई गति प्रदान कर सकता है।उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य के लिए यह बदलाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। गाजीपुर का व्यापारी, आजमगढ़ का किसान, सुल्तानपुर का छोटा निर्माता या लखनऊ की ओर यात्रा करने वाला विद्यार्थी, सभी कम यात्रा समय और बेहतर बाजार पहुंच से लाभान्वित हो सकते हैं। बेहतर सड़कें दूरी को अवसर में बदल सकती हैं।बुंदेलखंड और पूर्वांचल को मिला बेहतर सड़क संपर्कवर्षों से बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों को बड़े बाजारों से मजबूत कनेक्टिविटी की आवश्यकता थी। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की योजना चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर और जालौन जैसे जनपदों को सहयोग देने तथा इस क्षेत्र को आगरा-लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली से जोड़ने के उद्देश्य से बनाई गई थी।पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे भी इसी प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह प्रदेश की पूर्वी सीमा को राज्य की राजधानी से जोड़ता है और अन्य एक्सप्रेसवे के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी तक संपर्क को मजबूत करता है। इससे विकास का दायरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और लखनऊ जैसे प्रमुख केंद्रों से आगे बढ़कर बुंदेलखंड और पूर्वांचल जैसे क्षेत्रों तक अधिक संतुलित रूप से पहुंचा है।विकास की अगली धुरी के रूप में गंगा एक्सप्रेसवेगंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में सबसे बड़े विस्तारों में से एक है। प्रधानमंत्री द्वारा हरदोई में 29 अप्रैल 2026 को 594 किलोमीटर लंबे नियंत्रित प्रवेश वाले ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया गया। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारिक केंद्रों, मध्य उत्तर प्रदेश के खेती वाले क्षेत्रों और पूर्वी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक जगहों को जोड़ता है।, जिससे 12 जनपदों पर सीधा असर पड़ेगा।यह परियोजना उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ी संभावनाओं के साथ भी जोड़ती है। इस कॉरिडोर के आसपास औद्योगिक अवसर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें दवा उद्योग, टेक्सटाइल, हैंडलूम, और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों के समूह शामिल हैं।औद्योगिक कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स केंद्रएक्सप्रेसव� � अब केवल आवागमन के मार्ग नहीं रहे, बल्कि ??

Source: https://www.livehindustan.com/brand-stories/expansion-of-expressway-network-in-uttar-pradesh-transforming-the-state-with-55-percent-share-in-the-country-201778669867508.html


الساعة الآن 11:37 AM

Powered by vBulletin® Copyright ©2000 - 2026, Jelsoft Enterprises Ltd. TranZ By Almuhajir
This Forum used Arshfny Mod by islam servant