ahlam1399
05-16-2026, 12:38 PM
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यह रà¤؟à¤ھोरà¥چà¤ں तम लन ड CM à¤ھर केंदà¥چरà¤؟à¤� � है। तमिलनाडु CM थलपति विजय ने पीएम मोदी को लिखा लेटर, कर दी ये मांगMay 14, 2026 09:45 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई पीएम मोदी को लिखे लेटर में सीएम विजय ने कहा कि तमिलनाडु भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल और कपड़ों का एक्सपोर्ट करने वाला राज्य है। लाखों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह के रोजगार के लिए इस सेक्टर पर निर्भर हैं। इनमें खास तौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की महिलाएं शामिल हैं। AI Quick Readतमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर कपास पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी हटाने की मांग की। इस पत्र में मुख्यमंत्री ने टेक्सटाइल सेक्टर में आए संकट पर चिंता जताई। यह सेक्टर राज्य में ग्रामीण महिलाओं को सबसे ज्यादा रोजगार देता है। विजय ने इस गंभीर संकट की वजह कपास और धागे की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को बताया। यह बढ़ोतरी उत्पादन में कमी और ट्रेडिंग एक्टिविटी बढ़ने के कारण हुई है।उन्होंने पत्र में लिखा, "तमिलनाडु भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल और कपड़ों का एक्सपोर्ट करने वाला राज्य है। लाखों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह के रोजगार के लिए इस सेक्टर पर निर्भर हैं। इनमें खास तौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की महिलाएं शामिल हैं। हाल के दिनों में, कपास की कीमतों में बढ़ोतरी और उसके चलते धागे की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण यह इंडस्ट्री एक गंभीर संकट का सामना कर रही है। मेरा मानना है कि इसकी मुख्य वजह देश में कपास के उत्पादन में कमी और ट्रेडिंग एक्टिविटी में हुई बढ़ोतरी है।"नए चुने गए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो महीनों में कपास की कीमतों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसकी कीमत 54,700 रुपये से बढ़कर 67,700 रुपये प्रति कैंडी हो गई है। उन्होंने आगे बताया कि धागे की कीमतें भी 301 रुपये से बढ़कर 330 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं, जिससे इंडस्ट्री के लिए कच्चे माल की भारी कमी पैदा हो गई है।उन्होंने आगे कहा, "कपास की कीमत 54,700 रुपये से बढ़कर 67,700 रुपये प्रति कैंडी हो गई है, जो पिछले दो महीनों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी है, जबकि धागे की कीमत 301 रुपये से बढ़कर 330 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। ऐसी स्थिति में, कच्चे माल की लगातार आपूर्ति केवल आयात के जरिए ही सुनिश्चित की जा सकती है। हालांकि, कपास पर 11 फीसदी आयात शुल्क लगता है।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के बाद, कपड़ा और परिधान क्षेत्र रोजगार देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी पृष्ठभूमि की महिलाओं के लिए।उन्होंने आगे कहा, "ऐसी स्थिति में, बिना किसी शुल्क के कपास के आयात की अनुमति देने से उद्योग को अपने बढ़ते निर्यात लक्ष्यों को पूरा करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने में मदद मिलेगी। कृषि के बाद, कपड़ा और परिधान क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्रों में से एक है। इसलिए, लाखों लोगों के रोजगार की रक्षा करना और कपड़ा मूल्य श्रृंखला की निरंतरता सुनिश्चित करना सरकार की एक बड़ी जिम्मेदारी है।''
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तमिलनाडु CM थलपति विजय ने पीएम मोदी को लिखा लेटर, कर दी ये मांगMay 14, 2026 09:45 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई पीएम मोदी को लिखे लेटर में सीएम विजय ने कहा कि तमिलनाडु भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल और कपड़ों का एक्सपोर्ट करने वाला राज्य है। लाखों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह के रोजगार के लिए इस सेक्टर पर निर्भर हैं। इनमें खास तौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की महिलाएं शामिल हैं। AI Quick Readतमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर कपास पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी हटाने की मांग की। इस पत्र में मुख्यमंत्री ने टेक्सटाइल सेक्टर में आए संकट पर चिंता जताई। यह सेक्टर राज्य में ग्रामीण महिलाओं को सबसे ज्यादा रोजगार देता है। विजय ने इस गंभीर संकट की वजह कपास और धागे की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को बताया। यह बढ़ोतरी उत्पादन में कमी और ट्रेडिंग एक्टिविटी बढ़ने के कारण हुई है।उन्होंने पत्र में लिखा, "तमिलनाडु भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल और कपड़ों का एक्सपोर्ट करने वाला राज्य है। लाखों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह के रोजगार के लिए इस सेक्टर पर निर्भर हैं। इनमें खास तौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की महिलाएं शामिल हैं। हाल के दिनों में, कपास की कीमतों में बढ़ोतरी और उसके चलते धागे की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण यह इंडस्ट्री एक गंभीर संकट का सामना कर रही है। मेरा मानना है कि इसकी मुख्य वजह देश में कपास के उत्पादन में कमी और ट्रेडिंग एक्टिविटी में हुई बढ़ोतरी है।"नए चुने गए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो महीनों में कपास की कीमतों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसकी कीमत 54,700 रुपये से बढ़कर 67,700 रुपये प्रति कैंडी हो गई है। उन्होंने आगे बताया कि धागे की कीमतें भी 301 रुपये से बढ़कर 330 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं, जिससे इंडस्ट्री के लिए कच्चे माल की भारी कमी पैदा हो गई है।उन्होंने आगे कहा, "कपास की कीमत 54,700 रुपये से बढ़कर 67,700 रुपये प्रति कैंडी हो गई है, जो पिछले दो महीनों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी है, जबकि धागे की कीमत 301 रुपये से बढ़कर 330 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। ऐसी स्थिति में, कच्चे माल की लगातार आपूर्ति केवल आयात के जरिए ही सुनिश्चित की जा सकती है। हालांकि, कपास पर 11 फीसदी आयात शुल्क लगता है।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के बाद, कपड़ा और परिधान क्षेत्र रोजगार देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी पृष्ठभूमि की महिलाओं के लिए।उन्होंने आगे कहा, "ऐसी स्थिति में, बिना किसी शुल्क के कपास के आयात की अनुमति देने से उद्योग को अपने बढ़ते निर्यात लक्ष्यों को पूरा करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने में मदद मिलेगी। कृषि के बाद, कपड़ा और परिधान क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्रों में से एक है। इसलिए, लाखों लोगों के रोजगार की रक्षा करना और कपड़ा मूल्य श्रृंखला की निरंतरता सुनिश्चित करना सरकार की एक बड़ी जिम्मेदारी है।''
सà¥چरोत: https://www.livehindustan.com/national/tamil-nadu-cm-thalapathy-vijay-writes-letter-to-pm-modi-makes-this-demand-201778774759579.html
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तमिलनाडु CM थलपति विजय ने पीएम मोदी को लिखा लेटर, कर दी ये मांगMay 14, 2026 09:45 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई पीएम मोदी को लिखे लेटर में सीएम विजय ने कहा कि तमिलनाडु भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल और कपड़ों का एक्सपोर्ट करने वाला राज्य है। लाखों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह के रोजगार के लिए इस सेक्टर पर निर्भर हैं। इनमें खास तौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की महिलाएं शामिल हैं। AI Quick Readतमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर कपास पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी हटाने की मांग की। इस पत्र में मुख्यमंत्री ने टेक्सटाइल सेक्टर में आए संकट पर चिंता जताई। यह सेक्टर राज्य में ग्रामीण महिलाओं को सबसे ज्यादा रोजगार देता है। विजय ने इस गंभीर संकट की वजह कपास और धागे की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को बताया। यह बढ़ोतरी उत्पादन में कमी और ट्रेडिंग एक्टिविटी बढ़ने के कारण हुई है।उन्होंने पत्र में लिखा, "तमिलनाडु भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल और कपड़ों का एक्सपोर्ट करने वाला राज्य है। लाखों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह के रोजगार के लिए इस सेक्टर पर निर्भर हैं। इनमें खास तौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की महिलाएं शामिल हैं। हाल के दिनों में, कपास की कीमतों में बढ़ोतरी और उसके चलते धागे की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण यह इंडस्ट्री एक गंभीर संकट का सामना कर रही है। मेरा मानना है कि इसकी मुख्य वजह देश में कपास के उत्पादन में कमी और ट्रेडिंग एक्टिविटी में हुई बढ़ोतरी है।"नए चुने गए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो महीनों में कपास की कीमतों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसकी कीमत 54,700 रुपये से बढ़कर 67,700 रुपये प्रति कैंडी हो गई है। उन्होंने आगे बताया कि धागे की कीमतें भी 301 रुपये से बढ़कर 330 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं, जिससे इंडस्ट्री के लिए कच्चे माल की भारी कमी पैदा हो गई है।उन्होंने आगे कहा, "कपास की कीमत 54,700 रुपये से बढ़कर 67,700 रुपये प्रति कैंडी हो गई है, जो पिछले दो महीनों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी है, जबकि धागे की कीमत 301 रुपये से बढ़कर 330 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। ऐसी स्थिति में, कच्चे माल की लगातार आपूर्ति केवल आयात के जरिए ही सुनिश्चित की जा सकती है। हालांकि, कपास पर 11 फीसदी आयात शुल्क लगता है।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के बाद, कपड़ा और परिधान क्षेत्र रोजगार देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी पृष्ठभूमि की महिलाओं के लिए।उन्होंने आगे कहा, "ऐसी स्थिति में, बिना किसी शुल्क के कपास के आयात की अनुमति देने से उद्योग को अपने बढ़ते निर्यात लक्ष्यों को पूरा करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने में मदद मिलेगी। कृषि के बाद, कपड़ा और परिधान क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्रों में से एक है। इसलिए, लाखों लोगों के रोजगार की रक्षा करना और कपड़ा मूल्य श्रृंखला की निरंतरता सुनिश्चित करना सरकार की एक बड़ी जिम्मेदारी है।''
सà¥چरोत: https://www.livehindustan.com/national/tamil-nadu-cm-thalapathy-vijay-writes-letter-to-pm-modi-makes-this-demand-201778774759579.html