المساعد الشخصي الرقمي

مشاهدة النسخة كاملة : उत्तराखंड के 117 मदरसों में बाहरी बच्चों को नहीं मिलेगा दाखिला, वक्फ बोर्ड ने सख्त कि


ahlam1399
05-16-2026, 12:38 PM
https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/smart/2026/05/15/1600x900/logo/madrassa__1727089927850_1778822147338_cc963d8d-6b25-4bec-afbb-14cb5d849c5f.jpg

यह रà¤؟à¤ھोरà¥چà¤ں उत तर ख ड à¤ھर केंदà¥چरà¤؟à¤� � है। उत्तराखंड के 117 मदरसों में बाहरी बच्चों को नहीं मिलेगा दाखिला, वक्फ बोर्ड ने सख्त किए नियमMay 15, 2026 02:51 pm ISTGaurav Kala देहरादून हिन्दुस्तान से खास बातचीत में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले बच्चों को मदरसों में दाखिला नहीं मिलेगा। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने प्रदेश में संचालित मदरसों को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने घोषणा की है कि अब वक्फ बोर्ड के अधीन चल रहे 117 मदरसों में दूसरे राज्यों से आने वाले नए छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बोर्ड का कहना है कि उसका मुख्य फोकस उत्तराखंड के बच्चों को आधुनिक और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है।हिन्दुस्तान से बातचीत में शादाब शम्स ने कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले छात्रों की पृष्ठभूमि और दस्तावेजों की पूरी जांच करना आसान नहीं होता। बोर्ड के पास सीमित संसाधन हैं, इसलिए फिलहाल स्थानीय बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में है।

मà¥پखà¥چय बà¤؟ंदà¥پ

उत्तराखंड के 117 मदरसों में बाहरी बच्चों को नहीं मिलेगा दाखिला, वक्फ बोर्ड ने सख्त किए नियमMay 15, 2026 02:51 pm ISTGaurav Kala देहरादून हिन्दुस्तान से खास बातचीत में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले बच्चों को मदरसों में दाखिला नहीं मिलेगा। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने प्रदेश में संचालित मदरसों को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने घोषणा की है कि अब वक्फ बोर्ड के अधीन चल रहे 117 मदरसों में दूसरे राज्यों से आने वाले नए छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बोर्ड का कहना है कि उसका मुख्य फोकस उत्तराखंड के बच्चों को आधुनिक और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है।हिन्दुस्तान से बातचीत में शादाब शम्स ने कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले छात्रों की पृष्ठभूमि और दस्तावेजों की पूरी जांच करना आसान नहीं होता। बोर्ड के पास सीमित संसाधन हैं, इसलिए फिलहाल स्थानीय बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में है।


सà¥چरोत: https://www.livehindustan.com/uttarakhand/no-admission-for-outsiders-in-uttarakhand-117-madrasas-as-waqf-board-tightens-rules-201778821973497.html