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مشاهدة النسخة كاملة : क्या मजाक है! राहत सामग्री के नाम पर पाक ने श्रीलंका भेजा एक्सपायर सामान, डिलीट कर दी


ahlam1399
05-16-2026, 12:35 PM
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यह रà¤؟à¤ھोरà¥چà¤ں क य मज क à¤ھर केंदà¥چरà¤؟à¤� � है। राहत सामग्री के नाम पर पाक ने श्रीलंका भेजा एक्सपायर सामान, डिलीट कर दी पोस्टDec 02, 2025 02:33 pm ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, कोलंबो श्रीलंका के अधिकारियों ने इन सामग्रियों की जांच की, तो कई पैकेटों पर 2024 की एक्सपायरी डेट मिली। मामला पकड़ में आने के बाद पाकिस्तानी दूतावास ने ट्वीट डिलीट कर लिया। लेकिन तब तक फजीहत हो चुकी थी। श्रीलंका में चक्रवात 'दित्वा' से उत्पन्न बाढ़ और भूस्खलन की तबाही के बीच पाकिस्तान की 'मानवीय सहायता' एक अंतरराष्ट्रीय विवाद का कारण बन गई है। दरअसल पाकिस्तान ने श्रीलंका को जो राहत सामग्री भेजी उसमें कई आइटम एक्सपायर हो चुके थे। इससे कोलंबो में लोगों का गुस्सा भड़क उठा। श्रीलंका के आपदा प्रबंधन और विदेश मामलों के अधिकारियों ने इसे 'गंभीर चिंता' का विषय बताते हुए पाकिस्तान से औपचारिक स्पष्टीकरण मांगा है। सोशल मीडिया पर इसे 'सहायता कूटनीति का मजाक' करार देते हुए व्यापक आलोचना हो रही है।चक्रवात 'दित्वा' ने 28 नवंबर को श्रीलंका को बुरी तरह प्रभावित किया था, जिसमें 132 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, 176 लापता हैं और करीब 78,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं। बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे द्वीप राष्ट्र को हिला दिया है, खासकर कोलंबो के आसपास के इलाकों में ज्यादा नुकसान हुआ है। इस आपदा के बीच पाकिस्तान ने 'भाईचारे' का दावा करते हुए तत्काल सहायता की घोषणा की थी। 29 नवंबर को पाकिस्तानी नौसेना का जहाज कोलंबो बंदरगाह पर पहुंचा, जिसमें कई टन राहत सामग्री लदी हुई थी। इसमें भोजन पैकेट, दवाएं, प्राथमिक चिकित्सा किट, सूखा राशन, तंबू और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं।श्रीलंका में पाकिस्तान के दूतावास ने 30 नवंबर को एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- पाकिस्तान से राहत पैकेज सफलतापूर्वक श्रीलंका के बाढ़ प्रभावित भाइयों-बहनों तक पहुंचाए गए। यह हमारी अटूट एकजुटता का प्रतीक है। पाकिस्तान हमेशा श्रीलंका के साथ खड़ा है।लेकिन जब श्रीलंका के अधिकारियों ने इन सामग्रियों की जांच की, तो कई पैकेटों पर 2024 की एक्सपायरी डेट मिली। मेडिकल सप्लाई और फूड आइटम खराब पाए गए, जिससे आपदा प्रभावितों के लिए ये बेकार साबित हुए। कोलंबो के अधिकारियों के अनुसार, इस सहायता सामग्री में मौजूद कई मेडिकल सप्लाई, खाद्य पैकेट और आवश्यक वस्तुएं पहले ही एक्सपायर हो चुकी थीं। सामग्री की जांच के दौरान अधिकारियों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है और मामला तेजी से दोनों देशों के बीच एक असहज राजनयिक स्थिति में बदल गया है।मामला पकड़ में आने के बाद पाकिस्तानी दूतावास ने ट्वीट डिलीट कर लिया। ये रहा स्क्रीनशॉटसहायता सामग्री में एक्सपायरी वस्तुएं मिलने पर श्रीलंका की नाराजगीजैसे ही यह खेप कोलंबो पहुंची, अधिकारियों ने निरीक्षण में पाया कि कई कार्टन उपयोग के लायक नहीं थे- कुछ दवाइयां और खाद्य पदार्थ महीनों पहले एक्सपायर हो चुके थे। यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान की राहत भेजने की प्रक्रिया सवालों के घेरे में आई हो।2015 में नेपाल भूकंप के दौरान पाकिस्तान ने बीफ युक्त भोजन पैकेट भेजे थे, जिससे हिंदू बहुल नेपाल में भारी नाराजगी फैली थी और इसे सांस्कृतिक असंवेदनशीलता माना गया था। अब श्रीलंका वाली घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान की मंशा और कार्यशैली पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठा दिए हैं।श्रीलंका सख्त, अब सभी विदेशी राहत सामग्री की जांच के नियम होंगे कठोरश्रीलंकाई अधिकारियों ने कहा है कि इस घटना के बाद सरकार सभी अंतरराष्ट्रीय राहत सामग्री की जांच के मानदंडों को कड़ा करने जा रही है, खासकर उन देशों के लिए जिनका अतीत संदिग्ध रहा है या जिन्होंने पहले भी अनुपयोगी या अनुचित सामग्री भेजी हो। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी सामग्री न केवल जन सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि आपदा के समय देशों के बीच राजनयिक सद्भाव को भी नुकसान पहुंचाती है।भारत ने श्रीलंका को 53 टन राहत सामग्री पहुंचाईदूसरी तरफ भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका को मानवीय सहायता प्रदान करने के अपने प्रयास तेज करते हुए 28 नवंबर से हवाई एवं समुद्री मार्ग के जरिए 53 टन राहत सामग्री पहुंचाई है और द्वीपीय देश में फंसे हुए 2,000 से अधिक भारतीयों को स्वदेश लाया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम श्रीलंका के गंभीर रूप से प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं, बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता कर रही हैं और उनकी तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं। इन संयुक्त अभियानों में 150 से अधिक लोगों को बचाया गया है और सहायता प्रदान की गई है।’बयान में कहा गया है कि श्रीलंका में भारी तबाही मचाने वाले चक्रवात ‘दित्वा’ के मद्देनजर भारत ने 28 नवंबर को ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया था ताकि हमारे निकटतम समुद्री पड़ोसी देश को खोज एवं बचाव तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सहायता तत्काल प्रदान की जा सके। भारत ने भारतीय वायु सेना के परिवहन विमानों और नौसेना के अग्रिम पंक्ति के पोतों का उपयोग करते हुए समुद्री और हवाई दोनों मार्गों से कोलंबो को सहायता पहुंचाई है।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा- आईएनएस सु

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राहत सामग्री के नाम पर पाक ने श्रीलंका भेजा एक्सपायर सामान, डिलीट कर दी पोस्टDec 02, 2025 02:33 pm ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, कोलंबो श्रीलंका के अधिकारियों ने इन सामग्रियों की जांच की, तो कई पैकेटों पर 2024 की एक्सपायरी डेट मिली। मामला पकड़ में आने के बाद पाकिस्तानी दूतावास ने ट्वीट डिलीट कर लिया। लेकिन तब तक फजीहत हो चुकी थी। श्रीलंका में चक्रवात 'दित्वा' से उत्पन्न बाढ़ और भूस्खलन की तबाही के बीच पाकिस्तान की 'मानवीय सहायता' एक अंतरराष्ट्रीय विवाद का कारण बन गई है। दरअसल पाकिस्तान ने श्रीलंका को जो राहत सामग्री भेजी उसमें कई आइटम एक्सपायर हो चुके थे। इससे कोलंबो में लोगों का गुस्सा भड़क उठा। श्रीलंका के आपदा प्रबंधन और विदेश मामलों के अधिकारियों ने इसे 'गंभीर चिंता' का विषय बताते हुए पाकिस्तान से औपचारिक स्पष्टीकरण मांगा है। सोशल मीडिया पर इसे 'सहायता कूटनीति का मजाक' करार देते हुए व्यापक आलोचना हो रही है।चक्रवात 'दित्वा' ने 28 नवंबर को श्रीलंका को बुरी तरह प्रभावित किया था, जिसमें 132 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, 176 लापता हैं और करीब 78,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं। बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे द्वीप राष्ट्र को हिला दिया है, खासकर कोलंबो के आसपास के इलाकों में ज्यादा नुकसान हुआ है। इस आपदा के बीच पाकिस्तान ने 'भाईचारे' का दावा करते हुए तत्काल सहायता की घोषणा की थी। 29 नवंबर को पाकिस्तानी नौसेना का जहाज कोलंबो बंदरगाह पर पहुंचा, जिसमें कई टन राहत सामग्री लदी हुई थी। इसमें भोजन पैकेट, दवाएं, प्राथमिक चिकित्सा किट, सूखा राशन, तंबू और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं।श्रीलंका में पाकिस्तान के दूतावास ने 30 नवंबर को एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- पाकिस्तान से राहत पैकेज सफलतापूर्वक श्रीलंका के बाढ़ प्रभावित भाइयों-बहनों तक पहुंचाए गए। यह हमारी अटूट एकजुटता का प्रतीक है। पाकिस्तान हमेशा श्रीलंका के साथ खड़ा है।लेकिन जब श्रीलंका के अधिकारियों ने इन सामग्रियों की जांच की, तो कई पैकेटों पर 2024 की एक्सपायरी डेट मिली। मेडिकल सप्लाई और फूड आइटम खराब पाए गए, जिससे आपदा प्रभावितों के लिए ये बेकार साबित हुए। कोलंबो के अधिकारियों के अनुसार, इस सहायता सामग्री में मौजूद कई मेडिकल सप्लाई, खाद्य पैकेट और आवश्यक वस्तुएं पहले ही एक्सपायर हो चुकी थीं। सामग्री की जांच के दौरान अधिकारियों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है और मामला तेजी से दोनों देशों के बीच एक असहज राजनयिक स्थिति में बदल गया है।मामला पकड़ में आने के बाद पाकिस्तानी दूतावास ने ट्वीट डिलीट कर लिया। ये रहा स्क्रीनशॉटसहायता सामग्री में एक्सपायरी वस्तुएं मिलने पर श्रीलंका की नाराजगीजैसे ही यह खेप कोलंबो पहुंची, अधिकारियों ने निरीक्षण में पाया कि कई कार्टन उपयोग के लायक नहीं थे- कुछ दवाइयां और खाद्य पदार्थ महीनों पहले एक्सपायर हो चुके थे। यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान की राहत भेजने की प्रक्रिया सवालों के घेरे में आई हो।2015 में नेपाल भूकंप के दौरान पाकिस्तान ने बीफ युक्त भोजन पैकेट भेजे थे, जिससे हिंदू बहुल नेपाल में भारी नाराजगी फैली थी और इसे सांस्कृतिक असंवेदनशीलता माना गया था। अब श्रीलंका वाली घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान की मंशा और कार्यशैली पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठा दिए हैं।श्रीलंका सख्त, अब सभी विदेशी राहत सामग्री की जांच के नियम होंगे कठोरश्रीलंकाई अधिकारियों ने कहा है कि इस घटना के बाद सरकार सभी अंतरराष्ट्रीय राहत सामग्री की जांच के मानदंडों को कड़ा करने जा रही है, खासकर उन देशों के लिए जिनका अतीत संदिग्ध रहा है या जिन्होंने पहले भी अनुपयोगी या अनुचित सामग्री भेजी हो। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी सामग्री न केवल जन सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि आपदा के समय देशों के बीच राजनयिक सद्भाव को भी नुकसान पहुंचाती है।भारत ने श्रीलंका को 53 टन राहत सामग्री पहुंचाईदूसरी तरफ भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका को मानवीय सहायता प्रदान करने के अपने प्रयास तेज करते हुए 28 नवंबर से हवाई एवं समुद्री मार्ग के जरिए 53 टन राहत सामग्री पहुंचाई है और द्वीपीय देश में फंसे हुए 2,000 से अधिक भारतीयों को स्वदेश लाया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम श्रीलंका के गंभीर रूप से प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं, बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता कर रही हैं और उनकी तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं। इन संयुक्त अभियानों में 150 से अधिक लोगों को बचाया गया है और सहायता प्रदान की गई है।’बयान में कहा गया है कि श्रीलंका में भारी तबाही मचाने वाले चक्रवात ‘दित्वा’ के मद्देनजर भारत ने 28 नवंबर को ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया था ताकि हमारे निकटतम समुद्री पड़ोसी देश को खोज एवं बचाव तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सहायता तत्काल प्रदान की जा सके। भारत ने भारतीय वायु सेना के परिवहन विमानों और नौसेना के अग्रिम पंक्ति के पोतों का उपयोग करते हुए समुद्री और हवाई दोनों मार्गों से कोलंबो को सहायता पहुंचाई है।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा- आईएनएस सु


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