المساعد الشخصي الرقمي

مشاهدة النسخة كاملة : काम के बोझ और तनाव में आकर ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ले रहे पुलिसवाले


ahlam1399
05-16-2026, 12:35 PM
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यह रà¤؟à¤ھोरà¥چà¤ں क म क ब à¤ھर केंदà¥چरà¤؟à¤� � है। काम के बोझ और तनाव में आकर ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ले रहे पुलिसवालेMay 16, 2026 12:21 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हल्द्वानी हल्द्वानी में, काम के दबाव और मानसिक तनाव के चलते 42 पुलिसकर्मियों ने पिछले पांच वर्षों में ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ली है। इनमें अनुभवी अधिकारी और निचले स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। फील्ड ड्यूटी के बाद दफ्तर के काम का बोझ और पारिवारिक जिम्मेदारियाँ भी वीआरएस के कारण बने हैं। संतोष जोशी हल्द्वानी। बढ़ते काम के दबाव, मानसिक तनाव और पारिवारिक दूरियों के कारण कई पुलिसकर्मियों का खाकी से मोहभंग हो रहा है। सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी से पता चलता है कि नैनीताल जिले में पिछले पांच वर्षों के भीतर 42 पुलिस कर्मियों ने ऐच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली है। वीआरएस लेने वालों की जानकारी वीआरएस लेने वालों में केवल निचले स्तर के कर्मचारी ही नहीं बल्कि ऐसे अनुभवी अधिकारी भी शामिल रहे, जिनके पास संगीन अपराधों की विवेचना थी। वीआरएस लेने वालों में एक दरोगा, नौ एएसआई, नौ हेड कांस्टेबल, 13 कांस्टेबल सहित चार चतुर्थ श्रेणी कर्मी और दो दमकल कर्मी शामिल हैं। लगातार कई घंटों तक फील्ड में ड्यूटी, साप्ताहिक अवकाश न मिलने से मानसिक तनाव, दफ्तरों में काम का बोझ, नौकरी के साथ स्वास्थ्य बिगड़ना वीआरएस के प्राथमिक कारण सामने आए हैं। फील्ड ड्यूटी के बाद दफ्तर के काम का बोझ एक साल पहले वीआरएस ले चुके एक अपर उपनिरीक्षक ने वीआरएस लेने का कारण फील्ड में लगातार आठ से दस घंटे ड्यूटी और इसके बाद दफ्तर के काम समेत अपराध की विवेचना का दबाव बताया। उन्होंने कहा कि काम के बढ़ते बोझ से तंग आकर 20 साल सेवा के बाद उन्होंने वीआरएस लिया था। 24 घंटे पब्लिक स्क्रूटनी नैनीताल जिले से वीआरएस ले चुके एक हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल ने बताया कि डिजिटल युग में पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे पब्लिक स्क्रूटनी तकनीक की निगरानी में रहते हैं। पहाड़ों पर पर्यटन सीजन के दौरान अत्यधिक भीड़ और वीआईपी मूवमेंट के कारण ड्यूटी के घंटे अनिश्चित हो जाते हैं। जिससे शारीरिक थकान और मानसिक तनाव बढ़ता है। परिवार से अलग-थलग पड़े तो लिया वीआरएस वीआरएस ले चुके एक कांस्टेबल वर्तमान में नैनीताल जिले में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि होमटाउन से लंबी दूरी और परिवार को समय न दे पाना बड़ी मनोवैज्ञानिक वजह रहे। पारिवारिक जिम्मेदारियों और बच्चों की शिक्षा के बीच तालमेल न बैठ पाने के कारण नौकरी छोड़ना बेहतर समझा। कोट: काम के बोझ से तनाव पुलिस विभाग में स्वाभाविक है। इसके कई कारण हैं जैसे मनपसंद पोस्टिंग न होना, स्वास्थ्य खराब या पारिवारिक वजह। जो मानसिक रूप से थोड़ा तनावग्रस्त होते हैं उनके लिए हमने मिशन संवाद एक पहल शुरू की है। योग और काउंसलिंग के जरिए पुलिसवालों को स्वस्थ रखने की कोशिश की जा रही है। किसी पुलिस कर्मी को कोई दिक्कत हो तो मेरे पास आकर बता सकते हैं। रिद्धिम अग्रवाल, आईजी कुमाऊं।

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काम के बोझ और तनाव में आकर ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ले रहे पुलिसवालेMay 16, 2026 12:21 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हल्द्वानी हल्द्वानी में, काम के दबाव और मानसिक तनाव के चलते 42 पुलिसकर्मियों ने पिछले पांच वर्षों में ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ली है। इनमें अनुभवी अधिकारी और निचले स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। फील्ड ड्यूटी के बाद दफ्तर के काम का बोझ और पारिवारिक जिम्मेदारियाँ भी वीआरएस के कारण बने हैं। संतोष जोशी हल्द्वानी। बढ़ते काम के दबाव, मानसिक तनाव और पारिवारिक दूरियों के कारण कई पुलिसकर्मियों का खाकी से मोहभंग हो रहा है। सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी से पता चलता है कि नैनीताल जिले में पिछले पांच वर्षों के भीतर 42 पुलिस कर्मियों ने ऐच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली है। वीआरएस लेने वालों की जानकारी वीआरएस लेने वालों में केवल निचले स्तर के कर्मचारी ही नहीं बल्कि ऐसे अनुभवी अधिकारी भी शामिल रहे, जिनके पास संगीन अपराधों की विवेचना थी। वीआरएस लेने वालों में एक दरोगा, नौ एएसआई, नौ हेड कांस्टेबल, 13 कांस्टेबल सहित चार चतुर्थ श्रेणी कर्मी और दो दमकल कर्मी शामिल हैं। लगातार कई घंटों तक फील्ड में ड्यूटी, साप्ताहिक अवकाश न मिलने से मानसिक तनाव, दफ्तरों में काम का बोझ, नौकरी के साथ स्वास्थ्य बिगड़ना वीआरएस के प्राथमिक कारण सामने आए हैं। फील्ड ड्यूटी के बाद दफ्तर के काम का बोझ एक साल पहले वीआरएस ले चुके एक अपर उपनिरीक्षक ने वीआरएस लेने का कारण फील्ड में लगातार आठ से दस घंटे ड्यूटी और इसके बाद दफ्तर के काम समेत अपराध की विवेचना का दबाव बताया। उन्होंने कहा कि काम के बढ़ते बोझ से तंग आकर 20 साल सेवा के बाद उन्होंने वीआरएस लिया था। 24 घंटे पब्लिक स्क्रूटनी नैनीताल जिले से वीआरएस ले चुके एक हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल ने बताया कि डिजिटल युग में पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे पब्लिक स्क्रूटनी तकनीक की निगरानी में रहते हैं। पहाड़ों पर पर्यटन सीजन के दौरान अत्यधिक भीड़ और वीआईपी मूवमेंट के कारण ड्यूटी के घंटे अनिश्चित हो जाते हैं। जिससे शारीरिक थकान और मानसिक तनाव बढ़ता है। परिवार से अलग-थलग पड़े तो लिया वीआरएस वीआरएस ले चुके एक कांस्टेबल वर्तमान में नैनीताल जिले में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि होमटाउन से लंबी दूरी और परिवार को समय न दे पाना बड़ी मनोवैज्ञानिक वजह रहे। पारिवारिक जिम्मेदारियों और बच्चों की शिक्षा के बीच तालमेल न बैठ पाने के कारण नौकरी छोड़ना बेहतर समझा। कोट: काम के बोझ से तनाव पुलिस विभाग में स्वाभाविक है। इसके कई कारण हैं जैसे मनपसंद पोस्टिंग न होना, स्वास्थ्य खराब या पारिवारिक वजह। जो मानसिक रूप से थोड़ा तनावग्रस्त होते हैं उनके लिए हमने मिशन संवाद एक पहल शुरू की है। योग और काउंसलिंग के जरिए पुलिसवालों को स्वस्थ रखने की कोशिश की जा रही है। किसी पुलिस कर्मी को कोई दिक्कत हो तो मेरे पास आकर बता सकते हैं। रिद्धिम अग्रवाल, आईजी कुमाऊं।


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