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ahlam1399
05-16-2026, 11:09 AM
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Shani Jayanti 2026: शनि पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां, नाराज हो सकते हैं शनिदेवMay 15, 2026 10:40 pm ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली शनि जयंती का दिन शनिदेव के भक्तों के लिए बहुत खास माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनिदेव का जन्म हुआ था। इसी वजह से हर साल इस तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है। इस बार शनि जयंती 16 मई 2026, शनिवार को पड़ रही है। शनि जयंती का दिन शनिदेव के भक्तों के लिए बहुत खास माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनिदेव का जन्म हुआ था। इसी वजह से हर साल इस तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है। इस बार शनि जयंती 16 मई 2026, शनिवार को पड़ रही है। कहा जाता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा और व्रत करने से जीवन की परेशानियां कम हो सकती हैं और तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं। लेकिन शनि पूजा के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी माना गया है। मान्यता है कि पूजा में लापरवाही या गलत तरीके अपनाने से शनिदेव नाराज हो सकते हैं। इसलिए पूजा करते समय कुछ गलतियों से बचने की सलाह दी जाती है।शनि देव कर्मों के हिसाब से फल देते हैंशनि देव कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। एक तरफ जहां शनि देव के अशुभ प्रभावों से व्यक्ति को जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, वहीं शनि के शुभ प्रभावों से व्यक्ति को जीवन में सभी तरह के सुखों की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि शनि रंक को भी राजा बना सकते हैं।शनिदेव की पूजा में किन बातों का रखें ध्यानशनि पूजा सुबह सूर्योदय से पहले या फिर सूर्यास्त के बाद करना शुभ माना जाता है।पूजा करते समय शनिदेव की मूर्ति या तस्वीर की तरफ पीठ करके खड़े नहीं होना चाहिए।कई लोग घर में पूजा करते हैं, लेकिन मान्यता है कि शनि मंदिर जाकर पूजा करना ज्यादा शुभ रहता है।शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना अच्छा माना जाता है। दूसरे तेल या घी का दीपक जलाने से बचना चाहिए।ये भी पढ़ें:17 मई से शुरू होंगे इन 4 राशियों के अच्छे दिन, शनिदेव की कृपा से बनेंगे सभी कामपूजा के दौरान सीधे शनिदेव की आंखों में देखना शुभ नहीं माना जाता है।शनिदेव की मूर्ति के बिल्कुल सामने खड़े होकर पूजा करने से भी बचने की सलाह दी जाती है।लाल, पीले, सफेद या हरे रंग के फूल चढ़ाने की जगह काले या गहरे रंग के फूल चढ़ाना बेहतर माना जाता है।ये भी पढ़ें:शनि जयंती पर बनेगा खास योग, वृषभ, कुंभ समेत इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मततांबे के बर्तन से जल अर्पित नहीं करना चाहिए।पूजा में लाल रंग की चीजों का इस्तेमाल करने से भी बचने को कहा जाता है।महिलाओं को शनिदेव की मूर्ति को छूने की बजाय दूर से पूजा करने की सलाह दी जाती है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि जयंती पर नियमों का पालन करते हुए पूजा करने से शनि दोष कम हो सकता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं।ये भी पढ़ें:ज्येष्ठ अमावस्या कब है? नोट कर लें सही डेट, स्नान, दान और पितृ तर्पण का समयडिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।लेखक के बारे मेंYogesh Joshiयोगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं। परिचय और अनुभव योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं। न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं। शैक्षणिक पृष्ठभूमि योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है। करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की। पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है। एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है। व्यक्तिगत रुचियां काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है। विशेषज्ञता (Areas of Expertise): राशिफल (डेली एवं वीकली) ग्रह-गोचर दशा-महादशा अंकज्योतिष सामुद्रिक शास्त्र वास्तु शास्त्र फेंगशुई रत्न-उपाय व्रत-त्योहार एवं पूजा-विधि और पढ़ें div.tagsblk {margin-bottom: 18px; position: relative; margin-right: 4px;} .trendingTopicSeperator:after { content: ""; display: block; position: absolute; top: 0px; right: 0px; bottom: 0px; left: auto; margin: auto; width: 40px; background-image: linear-gradient(90deg, transparent 0%, #ffffff 92%); height: 100%; } .trendingTopicSeperator { border-right: solid 1px #d2d2d2; border-color: #61616180; max-width: calc(74% - 5px); position: relative; margin-right: 10px; } div.tagsblk{ margin-bottom: 0px; display: flex; a{ background-color: #fff; border-radius: 2px; color: rgba(34, 34, 34, 0.60); font-size: 14px; padding: 0 3px; margin-right: 11px; display: flex; line-height: 22px; border: 1px solid rgba(0, 0, 0, 0.12); cursor: pointer; } &.dark { a { background-color: #1a1a1a; color: #cecece; } } .moreTags{ display: none; } } div.tagsblk a {font-size: 12px;} div.tagsblk a:hover { background-color: #c4132a; border: 1px solid #c4132a; color: white; cursor: pointer; } Shani Jayanti Shani Dev .linearText { display: flex; align-items: center; position: relative; } .linearTextContent { max-width: 100%; overflow: hidden; text-overflow: ellipsis; white-space: nowrap; } .trendShowHideLabel { display: block; min-width: 18px; width: 18px; height: 18px; position: relative; cursor: pointer; } .trendShowHideLabel::after { content: ""; display: block; position: absolute; top: -2px; right: 0px; bottom: 0px; left: 0px; margin: auto; height: 6px; width: 6px; border-style: solid; border-color: #212121; border-width: 0px 1px 1px 0px; -webkit-transform: rotate(45deg); -moz-transform: rotate(45deg); -o-transform: rotate(45deg); transform: rotate(45deg); } जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baan। हिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!अपना राशिफल जानेमेषवृषमिथुनक� �्कसिंहकन्यातुलाव� ��श्चिकधनुमकरकुंभम ीन

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