स्टार्टअप में कम से कम निवेश की सीमा 10 की जगह 2 लाख रु. होगी


पूंजी बाजार रेगुलेटर सेबी के बोर्ड की इस हफ्ते बैठक होने वाली है। इसमें स्टार्टअप्स के साथ ई-कॉमर्स, डेटा एनालिटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए लिस्टिंग के नियम आसान करने का फैसला हो सकता है। इनके लिए बने इंस्टीट्यूशनल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का नाम बदलकर इनोवेटर्स ग्रोथ प्लेटफॉर्म करने का भी प्रस्ताव है।
मौजूदा नियमों के मुताबिक स्टार्टअप्स में किसी भी निवेशक को कम से कम 10 लाख रुपए का निवेश करने का प्रावधान है। नए प्रस्ताव में इसकी सीमा घटाकर 2 लाख की गई है। माना जा रहा है कि इससे ज्यादा निवेशक इस प्लेटफार्म की तरफ आकर्षित होंगे। हालांकि खुदरा निवेशक अब भी इसके दायरे में नहीं आएंगे। किसी इश्यू में 2 लाख रुपए तक निवेश करने वाले खुदरा निवेशक कहलाते हैं। मौजूदा नियमों के मुताबिक ऑफर का कम से कम 75% हिस्सा संस्थागत निवेशकों के लिए रखना जरूरी है। बाकी 25% गैर- संस्थागत निवेशकों के लिए होता है। प्रस्तावित संशोधन में किसी भी श्रेणी के निवेशकों के लिए कोई सीमा तय नहीं होगी। शेयर आवंटित करने के लिए कम से कम 200 एलॉटी को घटाकर 50 करने का प्रस्ताव है।
स्टार्टअप प्लेटफॉर्म की समीक्षा के लिए सेबी ने इसी साल जून में विशेषज्ञों की समिति बनाई थी। समिति ने स्टार्टअप्स के अलावा निवेशकों, बैंकरों और वेल्थ मैनेजमेंट कंपनियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इसकी सिफारिशों के आधार पर सेबी ने कंसल्टेशन पेपर भी जारी किया था। सेबी स्टार्टअप्स के लिस्टिंग नियम आसान करने पर ऐसे समय विचार कर रहा है जब कंपनियां लिस्टिंग में रुचि तो दिखा रही हैं, लेकिन जटिल नियमों का हवाला देकर आगे नहीं बढ़ रही हैं।
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