मानवीय मूल्यों से तनाव मुक्ति सिखा रहे हैं प्रो. संगल; छात्र कहते थे- हमें संन्यासी बना रहे हैं, अब 10 लाख छात्रों पर लागू करेगा एआईसीटीई
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अमित कुमार निरंजन | नई दिल्ली
तनाव आज स्टूडेंट लाइफ की सबसे बड़ी समस्या हैं। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार 15 से 29 साल तक के युवा सर्वाधिक सुसाइड करते हैं। ऐसे में आईआईआईटी हैदराबाद के प्रो. राजीव संगल ने छात्रों को तनाव मुक्त करने के लिए इंडक्शन प्रोग्राम तैयार किया है। मानवीय मूल्यों पर अाधारित यह मॉडल एआईसीटीई ने सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में लागू कर रखा है। बीटेक फर्स्ट ईयर के 5 लाख छात्रों को इसका फायदा मिल रहा है। अगले साल से पीएचडी, बीफार्मा, एमबीए और एमटेक के छात्रों के लिए भी यह लागू किया जाएगा। इसके बाद करीब 10 लाख छात्र 21 दिन के इंडक्शन प्रोग्राम से गुजरेंगे। पांच हजार कॉलेजों में इसे लागू करने की तैयारी चल रही है। प्रो. संगल ने 2003 में यह मॉडल तैयार किया था। शुरू में इसका मजाक भी उड़ाया गया। पहले सेशन में छात्रों ने यहां तक कहा कि प्रोफेसर हमें संन्यासी बनाना तो नहीं चाहते। बाद में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने भी उनके इस प्रयास की तारीफ की।
छात्रों को दबाव से मुक्त करने के लिए तैयार किया इंडक्शन प्रोग्राम
प्रो. राजीव संगल
1 कृतज्ञता : परिवार से चर्चा शुरू होती है। छात्र बताते हैं कि परिजनों और साथियों ने उनके लिए बहुत कुछ किया। छात्रों से कहा जाता है कि यही बात वह अपने परिजनों को बताएं। इससे अंदाजा होता है कि बच्चा दबाव में है। यह एक्टिविटी कृतज्ञता का भाव देती है।
2 विश्वास: समझाया जाता है कि खुद पर भरोसा रखकर किसी को पछाड़े बिना भी श्रेष्ठता कैसे हासिल कर सकते हैं। छात्रों को समझाते हैं कि जिंदगी स्पर्धा से नहीं, सहयोेग से चलती है।
3 सम्मान: कपड़े, भाषा और गैजेट को लेकर छात्र पियर प्रेशर में रहते हैं। 70% छात्र भाषा की वजह से तनाव में रहते हैं। हम छात्रों और शिक्षकों को मूल स्वरूप में रहने के लिए प्रेरित करते हैं।
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