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नीरव मोदी केस में बाल-बाल बचीं प्रियंका, बिपाशा और कंगना

जांच में विज्ञापन भ्रामक पाए जाने पर या उपभोक्ता के हित का किसी भी प्रकार से नुकसान होने की स्थिति में प्राधिकरण उस विज्ञापन को वापस लेने, उसके प्रसारण पर रोक या विज्ञापन में बदलाव का आदेश दे सकता है। बिल में प्राधिकरण को भ्रामक विज्ञापन बनाने वाली कंपनी या उसे करने वाले मॉडल पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाने का भी अधिकार दिया गया है। यह जुर्माना 50 लाख रुपए तक जा सकता है
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