80 साल से नवजात के लिए बॉक्स दे रही सरकार, यहां के 95% बच्चों ने अपनी पहली नींद इसी में ली

हेलसिंकी. फिनलैंड में सरकार पिछले 80 सालों से प्रेग्नेंट महिलाओं को एक स्पेशल बॉक्स गिफ्ट कर रही है। इसमें नवजात की जरूरत का सामान- कपड़े, शीट और खिलौने होते हैं। एक तरह से यह नई मांओं के लिए बच्चे की परवरिश की स्टार्टर किट होती है। खास बात यह है कि बॉक्स हर वर्ग की प्रेग्नेंट महिला को दिया जाता है, फिर चाहे वो अमीर हो या गरीब। एक सर्वे के मुताबिक, फिनलैंड में करीब 95% नवजात अपनी पहली नींद इसी बॉक्स के अंदर लेते हैं।
बच्चों के लिए क्यों दिए जाते हैं बॉक्स?
बॉक्स दिए जाने की परंपरा शुरू होने के बाद से फिनलैंड में नवजात मृत्यु दर लगातार कम हुई है। सबसे पहले सरकार ने 1938 में कम इनकम वाले परिवारों को यह मैटरनिटी बॉक्स बांटने शुरू किए। बाद में 1949 से हर वर्ग की महिला को यह बॉक्स दिए जाने लगे। दरअसल, सरकार का मानना है कि इन बॉक्सों की वजह से लोगों में बराबरी का भाव आता है। बच्चा चाहे किसी भी बैकग्राउंड से हो, अपनी पहली नींद वो इसी कारबोर्ड के बने बॉक्स में ही लेता है। यानी हर जिंदगी की बराबर से शुरुआत।
मांओं को दिया जाता है पैसे या बॉक्स लेने का विकल्प
आमतौर पर सरकार माओं को बॉक्स या इसके बदले 140 यूरो कैश लेने का विकल्प देती। हालांकि, 95% महिलाएं आमतौर पर बॉक्स ही चुनती हैं। कानून के मुताबिक, मैटरनिटी बॉक्स उन महिलाओं को दिया जाता है, जिनकी प्रेग्नेंसी के चार महीने पूरे हो गए हों। इसके लिए सभी को म्यूनिसिपल क्लिनिक जाना होता है।
10 के नीचे पहुंची मृत्यु दर
1930 के आसपास फिनलैंड की गिनती गरीब देशों में होती थी। यहां शिशु मृत्यु दर भी काफी ज्यादा 65 थी। यानी पैदा होने वाले हर हजार बच्चों में 65 की मौत हो जाती थी। लेकिन सरकार के मैटरनिटी बॉक्स योजना शुरू करने के बाद अगले कुछ दशकों में हालात में काफी सुधार हुआ। आलम यह है कि साल 1980 के बाद फिनलैंड में शिशु मृत्यु दर 10 के भी नीचे है।
बॉक्स में बच्चे की जरूरत के सारे सामान
बॉक्स में आमतौर पर एक मैट्रेस कवर, अंडरशीट, ब्लैंकेट, सोने के लिए स्लीपिंग बैग होता है। इसके अलावा बच्चे के लिए स्नोसूट, हैट, टॉवेल, नाखून काटने के लिए कटर, हेयर ब्रश, टूथ ब्रश, थर्मामीटर, नैपी और जूते-मोजे भी दिए जाते हैं। बच्चों को खेलने के लिए एक पिक्चर बुक और कुछ दूसरे खिलौने भी मिलते हैं।
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